स्टीव जॉब्स बायोग्राफी इन हिंदी | स्टीव जॉब्स का जीवन परिचय | Best steve jobs biography

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नामस्टीवन पॉल “स्टीव” जॉब्स (अंग्रेज़ी: Steven Paul “Steve” Jobs)
जन्म24 फरवरी 1955, सेंट फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया
माता – पितापॉल रेनहोल्ड जॉब्स, क्लारा जॉब्स
शिक्षा•होमेस्टेड हाई स्कूल (1972)
• रीड कॉलेज
• मोंटा लोमा एलिमेंट्री स्कूल
पत्नी• लोरिन पॉवेल (1991-2011)
• किर्स्टन ब्रेन्नन
बच्चे• लिसा ब्रेन्नन
• रीड जॉब्स
• एरिन जॉब्स
• ईव जॉब्स
व्यवसायएप्पल इंक – को-फ़ाउंडर, चेरमन और सी॰ई॰ओ॰
पिक्सर (Pixar) – को-फ़ाउंडर, चेरमन और सी॰ई॰ओ॰
नेक्स्ट इंक – को-फ़ाउंडर और सी॰ई॰ओ॰
मृत्युअक्टूबर 5, 2011, पालो आल्टो, कैलिफ़ोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका

Table of contents

स्टीव जॉब्स का परिचय (Introduction to Steve Jobs):

स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी, 1955 को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में हुआ। जन्म के कुछ सप्ताह बादही उनकी जैविक माता ने उन्हें कानूनी दस्तावेजों पर दस्तखत करने के बाद सैन फ्रांसिस्को के पॉल और क्लारा जॉब्स के हवाले कर दिया। इस दंपती को दस वर्षों से एक संतान की तलाश थी। पॉल जॉब्स का व्यक्तित्व अनुशासित था। वे अमेरिकी तटवर्ती सेना में मैकेनिक थे। नौकरी से निवृत्ति के बादपॉल जॉब्स सैन फ्रांसिस्को पहुँचे। उन्हें कबाड़ में फेंकी गई किसी पुरानी गाड़ी को खरीदकर मरम्मत करने औरबेचने में आनंद आता था। ऐसी जर्जर गाड़ियों को सुधारने में वे तल्लीनता के साथ जुट जाते थे। इस तरह हर बारउन्हें अच्छा खासा मुनाफा होता था।कैलिफोर्निया का आकर्षण उन्हें अपनी तरफ बुला रहा था। सन् 1952 में पॉल और क्लारा सैन फ्रांसिस्को पहुँचकर समुद्र के सामने निर्मित एक अपार्टमेंट में रहने लगे। जल्दी ही एक वित्तीय कंपनी ने पॉल को नौकरी दे दी। पॉल का काम वाहन ऋण लेनेवालों से ऋण राशि की वसूली करना था। अपने भारी-भरकम व्यक्तित्व एवं तकनीकी दक्षता के कारण वे इस कार्य में सफल साबित हुए।गोद लिये गए बालक का नाम जॉब्स दंपती ने स्टीवन पॉल जॉब्स रखा। तीन साल की उम्र में ही स्टीवन काफी समझदार और व्यवहार कुशल नजर आने लगा था। उसके मन में प्रत्येक वस्तु के प्रति कौतूहल का भाव था। वह सवेरे 4 बजे ही जाग जाता था और समस्याओं में फँस जाता था। एक बार उसके साथ खेल रहे एक बालक को अस्पताल लेकर जाना पड़ा, चूँकि दोनों ने चींटी मारने वाली दवा का स्वाद जानने का प्रयास किया था। एक दूसरी घटना से स्टीव ने बिजली के सॉकेट में पिन फ़ैसाकर खुद को जख्मी कर लिया था। स्टीव की शरारतों के बावजूद उनके माता-पिता ने दूसरी संतान को गोद लेने का इरादा नहीं छोड़ा था और उन्होंने पैटी नामक बालिका को भी गोद ले लिया था, जो उम्र में स्टीव से दो वर्ष छोटी थी।पिता पॉल जॉब्स की गोद में नन्हें स्टीवसंभवतः स्टीव को एक बालक के रूप में अधिक देखभाल की जरूरत थी; मगर शुरू से ही उसके भीतर प्रतिभाके लक्षण दिखाई देने लगे थे। अपने समय के अमेरिकी बालकों की तरह उन्हें भी शरारतें करना अच्छा लगता था। पड़ोस में बननेवाली 8 एम.एम. की होम मूवी के कैमरे के सामने मुसकराना उन्हें अच्छा लगता था गलियों में साइकिल चलाने में उन्हें मजा आता था। वे देर तक टी.वी. के सामने बैठे रहना पसंद करते थे। उनकी इस आदत को एक संकेत समझा जा सकता है कि भावी जीवन में वे आसानी से किसी के साथ दोस्ती करनेवाले नहीं थे।दस साल की उम्र में ही स्टीव इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रति गहरी दिलचस्पी लेने लगे थे। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों केविभिन्न पुरजे अपनी तरफ आकर्षित करते थे और उनको लेकर उनके मन में तरह-तरह की कल्पनाएँ सैन्य होती थीं।

पॉल के पड़ोस में ऐसे कई इंजीनियर रहते थे, जो हैवलेट-पैकर्ड (एच.पी.) और अन्य इलेक्ट

नौकरी कर रहे थे। सप्ताहांत में ऐसे इंजीनियरों को अपने गैरेज में तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन कर सकता था स्टीव उनके पास खड़े होकर उनके कौशल को उत्सुकता के साथ देखते रहते थे और सीखने की कोशिश करते थे। ऐसे ही एक इंजीनियर ने स्टीव को कार्बन माइक्रोफोन को छूने की इजाजत दी थी, जिसे वह लेबोरेटरी से अपने साथ लेकर आया था। स्टीव उस कण को हाथ में लेकर दंग रह गए थे और उन्होंने उसके बारे में कई सवाल इंजीनियर से पूछे थे स्टीव उस इंजीनियर के पास अकसर जाने लगे थे

स्टीव जॉब्स का विवाह (Steve Jobs marriage):

सन् 1991 से 1994 की अवधि कॅरियर के नजरिए से स्टीव के लिए ठीक नहीं रही थी; मगर इस अवधि में उनका व्यक्तिगत जीवन खुशहाल रहा था जब उनकी प्रेमिका टीना रेडसे ने सन्1990 में उनके विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तब उनका परिचय स्टेनफोर्ड की एम.बी.ए. की छात्रा लॉरीन पॉवेल से हुआ लॉरीन ऐसी युवती थी जिसके व्यक्तित्व से स्टीव पहली नजर में ही प्रभावित हो गए थे। वह सुंदर और स्वतंत्र स्वभाव की थी। स्टीव ने बाद में बताया कि यह पहली नजर का प्यार था। उन्होंने लॉरीन के साथ लंच पर जाने के लिए एक जरूरी व्यावसायिक बैठक को रद्द कर दिया था

अगले साल 18 मार्च, 1991 को स्टीव और लॉरीन का विवाह हो गया। प्रार्थना गृह में स्टीव ने गिने-चुने मेहमानों को ही आमंत्रित किया था। विवाह के सादगीपूर्ण समारोह को स्टीव के जैन गुरु कोबुन चीनो ने संपन्न करवाया था। कुछ महीने बाद लॉरीन ने एक पुत्र को जन्म दिया। स्टीव ने बेटे का नाम रोड पॉल रखा। स्टीव अपने कॉलेज (रीड कॉलेज) और अपने पिता (पॉल जॉब्स) के नाम को जोड़कर अपने बेटे का नाम रखा था।

स्टीव जॉब्स के उत्पाद (Steve Jobs products)

ऐपल-1

स्टाव जान्स और वाजामयाक के संयुक्त प्रयास से सन् 1976 में एपल-न नामक कंप्यूटर तयार हुआ वाजानयाक न इस कंप्यूटर को डिजाइन किया था और स्टीव ने इसके लिए वित्त व विपणन की व्यवस्था की थी। यह कंप्यूटर खास तौर पर कंप्यूटर में रुचि रखनेवालों तथा इंजीनियरों के लिए था। आम जनता तक यह कंप्यूटर नहीं पहुँच पाया। यह कंप्यूटर स्टीव के पिता की गैराज में तैयार किया गया था।

ऐपल – 2

ऐपल-1 कंप्यूटर जगत् के लिए आधार बन गया, मगर इसका अधिक विकसित रूप सन् 1977 में ऐपल-11 के नाम

से पेश किया गया। यह पर्सनल कंप्यूटर के रूप में पहला उत्पाद था, जो आम जनता को ध्यान में रखकर डिजाइन

किया गया था। इसका डिजाइन भी वोजनियाक ने ही तैयार किया था। सन् 1993 तक ऐपल-11 बाजार में उपलब्ध

रहा।

लीजा कंप्यूटर

आम जनता के लिए सन् 1983 में पेश किया गया यह पहला कमर्शियल कंप्यूटर था, जो ग्राफिकल कार्यों को भी करता था तथा एक माउस के जरिए नियंत्रित होता था। यह एक सस्ता और तेज गति से चलनेवाला कंप्यूटर था। यह कंप्यूटर आज के कंप्यूटरों के लिए आधार सिद्ध हुआ; लेकिन यह काफी महँगा था, इसलिए यह कंप्यूटर आम जनता तक नहीं पहुँच पाया। इस कंप्यूटर का नाम स्टीव ने अपनी प्रेमिका से उत्पन्न हुई पुत्री ‘लीजा’ के नाम पर रखा था।

मैकिंतोश

स्टीव ने ‘लीजा’ के बाद सन् 1984 में ‘मैकिंतोश’ नामक कंप्यूटर बाजार में पेश किया। स्टीव स्वयं ‘लीजा’ के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे। ‘लोजा’ की भाँति ही इस कंप्यूटर का भी ग्राफिकल इस्तेमाल किया जा सकता था। यह

सस्ता तथा लौजा से भी अधिक तेज गति से चलनेवाला कंप्यूटर था।

की राष्ट्रपति दिमित्री मेदवदव के साथ स्टॉ

नेक्स्ट’ कंप्यूटर

• ऐपल से अलग होने के बाद स्टीव ने सन् 1989 में ‘नेक्स्ट’ नामक कंपनी स्थापित की और इसी नाम से एक वर्क स्टेशन कंप्यूटर तैयार किया यह कंप्यूटर बड़ी मात्रा में नहीं आ सका, लेकिन इसका सॉफ्टवेयर मैकिंतोश द्वारा आईफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए आधार बना

आईमैक

स्टीव ने सन् 1998 में आईमैक’ के नाम से एक पूर्ण विकसित और बहुउपयोगी कंप्यूटर बाजार में प्रस्तुत किया। यह बहुत आकर्षक डिजाइन का कंप्यूटर था। यह कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़ा हुआ था। यह पर्सनल कंप्यूटर के क्षेत्र

में काफी सफल साबित हुआ।

आईपॉड

सन् 2001 में स्टीव ने पहला डिजिटल म्यूजिक प्लेयर तैयार किया, जिसमें हार्ड डिवाइस भी थी। यह ऐपल का सफल उत्पाद साबित हुआ यह उत्पाद आई ट्यून्स म्यूजिक और आईफोन का आधार सिद्ध हुआ।

आई ट्यून्स स्टोर

स्टीव ने सन् 2003 में आई ट्यून्स स्टोर’ स्थापित किया। इससे पहले संगीत के शौकीन लोगों की ट्यून्स सुनने के लिए अलग से सी.डी. में गाने एकत्र करने होते थे ‘आई ट्यून्स स्टोर’ आने के बाद एक सौ. डी. में उपभोक्ता को हजारों गाने एक स्थान पर ही मिल गए।

आईपैड

हालांकि आईपैड से पहले कई कंपनियों ने टैबलेट कंप्यूटर बनाए, लेकिन लेखन के क्षेत्र में स्टीव ने आईपैड बनाकर सबको चौंका दिया। यह उत्पाद सन् 2010 में उन्होंने उस समय तैयार किया जब वह कैंसर जैसे रोग से ग्रस्त थे।

स्टीव जॉब्स के सफलता के मूल मंत्र (Success Mantras of Steve Jobs)

स्टीव जॉब्स की जिंदगी ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उनके बातचीत करने का ढंग हो या प्रस्तुतीकरण की बात हो या फिर किसी भी उत्पाद को देखने और विपणन करने का ढंग हो, सबकुछ अलग सोच लिये होता था। इसी अलग सोच ने उन्हें स्टीव जॉब्स बनाया। आइए जानते हैं कि स्टीव जॉब्स की सफलता के मूल मंत्र क्या थे

वही काम करें, जिससे आपको प्यार हो

स्टीव के अनुसार, अगर आप अपने काम से प्यार करते हैं, तब अच्छा है। दुनिया भर में कई लोग ऐसे हैं, जो ऐसा काम कर रहे हैं, जो उन्हें दिल से पसंद नहीं। अगर दुनिया भर में ऐसा हो जाए कि जिसे जो काम पसंद है, वहाँ

करे, तब दुनिया ही बदल जाएगी।

दुनिया को बताइए कि आप कौन हैं

स्टीव के अनुसार, दुनिया को पता चलना चाहिए कि आप कौन हैं और दुनिया को बदलने का माद्दा जब तक आप में नहीं होगा, तब तक दुनिया आपको नहीं पहचानेगी।

सभी क्षेत्रों से संबंध जोड़ें

जॉब्स ने अपने जीवनकाल में विभिन्न विषयों का अध्ययन किया। उन्होंने कैलिग्राफी भी सीखी और विभिन्न प्रकार के डिजाइस का अध्ययन किया। इतना ही नहीं, उन्होंने हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए और उसका ज्ञान

प्राप्त किया। यह ज्ञान उन्हें बाद में काम भी आया।

मना करना सीखें

स्टीव ने अपनी जिंदगी में मना करना खूब सीखा था और इसका फायदा भी उन्हें मिला था। जब वे सन् 1997 में वापस ऐपल में आए थे, तब कंपनी के पास 350 उत्पाद थे मात्र दो वर्षों में उन्होंने उत्पादों की संख्या कम करके 10 कर दी। उन्होंने 10 उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया और सफलता पाई।

स्टीव जॉब्स को पुरस्कार व सम्मान (Awards and Honors to Steve Jobs)

1982 : ‘टाइम’ पत्रिका द्वारा जॉब्स के ऐपल में निर्मित कंप्यूटर को ‘मशीन ऑफ दि ईयर’ खिताब।

‘टाइम’ में ‘द मोस्ट फैमस मैस्ट्रो ऑफ द माइक्रो’ शीर्षक से स्टीव जॉब्स की लंबी जीवनी प्रकाश्य 1985 : संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा ऐपल के संस्थापक स्टीव जॉब्स एवं स्टीव योज

को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी’ से सम्मानित

1987 ‘ग्रेटेस्ट पब्लिक सर्विस बाई एन इंडिविजुअल 35 ईयर और अंडर वर्ग के अंतर्गत ‘जेफरसन अवार्ड

ऑफ पब्लिक सर्विस।

1989 इमर्सन मैगजीन द्वारा ‘दशक उद्यमी’ सम्मान से सम्मानित।

27 नवंबर, 2007 ‘ फॉब्यून’ मैगजीन द्वारा ‘मोस्ट पावरफुल पर्सन इन बिजनेस’ के रूप में नामित

5 दिसंबर 2007 कैलिफोर्निया के गवर्नर अर्नोल्ड श्वेर्जनेगर और प्रथम महिला मारिया श्रीवेर द्वारा जॉब्स “कैलिफोर्निया हॉल ऑफ फेम’ में शामिल। अगस्त 2009 : ‘मोस्ट एडमायर्ड इंटरपेरनर अमंग टीनएजर’ (युवाओं के सबसे प्रशंसित उद्यमी) के रूप में सम्मानित

5 नवंबर, 2009 स्टीव जॉब्स ‘फॉर्च्यून’ मैगजीन द्वारा ‘सी.ई.ओ. ऑफ डिकेड’ (दशक का मुख्य कार्यकारी) के रूप में नामित

नवंबर 2010 ‘फॉस’ की विश्व के सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में जॉब्स 7वें स्थान पर नामित दिसंबर 2010 : ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने जॉब्स को सन् 2010 का ‘पर्सन ऑफ दि इयर’ नामित किया। 21 दिसंबर, 2011 बुडापेस्ट की ‘ग्रेफीसॉफ्ट’ कंपनी द्वारा स्टीव जॉब्स को आधुनिक युग की महानतम शख्सियत’ कहा और उनकी विश्व की पहली कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया।

जॉब्स को स्वप्नद्रष्टा, नवप्रवर्तक और प्रतिभाशाली व्यक्ति कहा गया।

उन्हें अपने समय का ‘थॉमस अल्वा एडीसन’ और ‘हेनरी फोर्ड’ कहा गया। जनवरी 2012 16-25 आयु वर्ग के लोगों में स्टीव जॉब्स थॉमस एडीसन के बाद दूसरे ‘सदाबहार महान् नव प्रवर्तक’ के रूप में चुने गए।

12 फरवरी, 2012 मरणोपरांत ‘ग्रैमी ट्रस्टी अवार्ड से सम्मानित |

मार्च 2012 फॉर्च्यून मैगजीन’ द्वारा सदाबहार महानतम उद्यमी’ के रूप में नामित डिज्नी की मूवी ‘जॉन कार्टर’ स्टीव जॉब्स को समर्पित

स्टीव जॉब्स की मृत्यु (Death of Steve Jobs):

अक्टूबर 2003 में यह पता चला कि स्टीव जॉब्स को कैंसर हो गई है। 24 अक्टूबर 2011 को वे अपने आप एप्पल कंपनी के सीईओ से चेयरमैन बन गए और टिम कुक को अगला सीईओ बनाया। इसके 6 सप्ताह तक जॉब्स एप्पल कंपनी में काम करते रहे।

5 अक्टूबर 2011 को 3:00pm बजे स्टीव जॉब्स की पलो अल्टो (अमेरिका) में अपने घर में मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु का कारण इसलेट सेल टयूमर था।

एप्पल व पिक्सर दोनों कंपनियों ने उनकी मृत्यु की घोषणा की और उस दिन के लिए एप्पल ने अपनी पब्लिक सेवा बंद की।

एप्पल व माइक्रोसॉफ्ट इन दोनों कंपनियों के कैंपस व हेडक्वार्टर पर अमेरिकन झंडे फहरा रहे थे।

5 सर्वश्रेष्ठ स्टीव जॉब्स पुस्तकें (Top 5 Best Steve Jobs Books)

  1. Steve Jobs
  2. Steve Jobs: 50 Life and Business Lessons from Steve Jobs
  3. The Innovation Secrets of Steve Jobs
  4. iCon: Steve Jobs
  5. I, Steve – Steve Jobs In His Own Words

1 – Steve Jobs

by Walter Isaacson

स्टीव जॉब्स के साथ दो वर्षों में किए गए चालीस से अधिक साक्षात्कारों के आधार पर – साथ ही सौ से अधिक परिवार के सदस्यों, दोस्तों, विरोधियों, प्रतिस्पर्धियों और सहयोगियों के साथ साक्षात्कार – यह आविष्कार के अंतिम प्रतीक की प्रशंसित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेस्टसेलिंग जीवनी है।

वाल्टर इसाकसन रोलरकोस्टर जीवन और रचनात्मक उद्यमी के गहन व्यक्तित्व की कहानी बताता है, जिसकी पूर्णता और क्रूर ड्राइव के जुनून ने छह उद्योगों में क्रांति ला दी: व्यक्तिगत कंप्यूटर, एनिमेटेड फिल्में, संगीत, फोन, टैबलेट कंप्यूटिंग और डिजिटल प्रकाशन।

2 – Steve Jobs: 50 Life and Business Lessons from Steve Jobs
by George Ilian

यह पुस्तक जॉब्स का परिचय प्रदान करती है, दुनिया में सबसे मूल्यवान कंपनी बनाने के दौरान उनकी व्यावसायिक सफलता और उनसे जो सबक हम सीख सकते हैं। यह कोई पाठ्यपुस्तक या जीवनी नहीं है, बल्कि बस या बाथरूम में पढ़ने के लिए एक चीट शीट है, ताकि आप वजनदार टोमों का एक बैग ले जाने के बिना सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को चुन सकें। आप इसे एक ही बैठक में पढ़ सकते हैं, या जब आप प्रेरणा या दिशा की तलाश कर रहे हों तो विशिष्ट केस स्टडीज देख सकते हैं। यहां उल्लिखित 50 पाठ जॉब्स द्वारा दिए गए साक्षात्कारों से, उनके बारे में लिखे गए कई ब्लॉगों और पुस्तकों से लिए गए हैं, और, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दुनिया में सबसे बड़ी कंपनी और उत्पादों के निर्माण के लिए उनकी सड़क पर सफलताओं और विफलताओं से।

3 – The Innovation Secrets of Steve Jobs
Insanely Different Principles for Breakthrough Success by Carmine Gallo

स्टीव जॉब्स के इनोवेशन सीक्रेट्स में, बेस्टसेलिंग लेखक कारमाइन गैलो ने उन गुणों का खुलासा किया है जो आज एप्पल के सह-संस्थापक को व्यापार में सबसे नवीन नेता बनाते हैं। प्रत्येक सिद्धांत अनुसंधान, उद्धरण, विशेषज्ञों और व्यापारिक नेताओं के साथ प्रथम-व्यक्ति साक्षात्कार के साथ-साथ उन सिद्धांतों को हर व्यवसाय, बड़े या छोटे पर लागू करने के लिए विशिष्ट विचारों के साथ समर्थित है।
सात सिद्धांत हैं:

सिद्धांत एक: वही करें जो आपको पसंद है
सिद्धांत दो: प्रतिभा को उनके पागलपन में देखें
सिद्धांत तीन: सपने बेचो, उत्पाद नहीं
सिद्धांत चार: प्रस्ताव नया
सिद्धांत पांच: 1,000 चीजों को ना कहें
सिद्धांत छह: संदेश में महारत हासिल करें।
सिद्धांत सात: इंस्पायर इंजीलवादियों
एक और बात । . . खुद से और दूसरों से उत्कृष्टता की अपेक्षा करें

4 – iCon: Steve Jobs
by Jeffrey S. Young & William L. Simon

यह पुस्तक आपको वर्तमान व्यापार युग के सबसे आश्चर्यजनक व्यक्तियों में से एक की जीवन यात्रा के माध्यम से ले जाती है। हालाँकि, यह प्रौद्योगिकी की दुनिया में स्पष्ट प्रगति के लिए जॉब्स के योगदान का एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
आईकॉन एक व्यावसायिक युग में सबसे आश्चर्यजनक व्यक्ति पर एक नज़र डालता है जो अपने मावेरिक्स, ऑडबॉल और आइकनोक्लास्ट के लिए विख्यात है। स्रोतों की एक विस्तृत श्रृंखला पर आरेखण करते हुए, जेफरी यंग और विलियम साइमन ने Apple के महान निर्माण पर नए दृष्टिकोण प्रदान किए, जॉब्स के उल्कापिंड में वृद्धि, और विनाशकारी गिरावट ने उन्हें न केवल Apple से बाहर कर दिया, बल्कि कंप्यूटर बनाने वाले व्यवसाय से बाहर कर दिया। पूरी तरह से। यह बेदाग और पूरी तरह से अनधिकृत चित्र पिक्सर एनीमेशन स्टूडियो के उल्लेखनीय उदय में जॉब्स की भूमिका के दोनों पक्षों को प्रकट करता है, जॉब्स और डिज्नी के माइकल आइजनर के बीच कटुता को भी फिर से बनाता है, और जॉब्स के नाटकीय रूप से राख से उनके उत्थान की जांच करता है। सेब का। लेखक लोकप्रिय आईमैक के साथ कंपनी के अधिग्रहण और जॉब्स के पुनर्निमाण और क्रांतिकारी आईपॉड के साथ उद्योग के उनके परिवर्तन की जांच करते हैं।

5 – I, Steve – Steve Jobs In His Own Words
by George Beahm

यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए स्टीव जॉब्स के उद्धरणों का संग्रह है जो नवीन प्रेरणा चाहते हैं। ये अंतर्दृष्टि बताती है कि उन्होंने ‘विज़न थिंग’ के रूप में क्या कहा, जो कि उपभोक्ता उत्पादों की ऐसी गुणवत्ता की कल्पना करने और सफलतापूर्वक बाजार में लाने की उनकी बेजोड़ क्षमता थी, जो अप्रतिरोध्य साबित हुई। इसे ऐप्पल उत्पादों की सफलता के माध्यम से देखा जा सकता है जिन्होंने आर्थिक रूप से और ‘ब्रांड वैल्यू’ के रूप में एक जगह बनाई है।

स्टीव जॉब किस बीमारी से ग्रस्त थे ?

Neuroendocrine cancer

स्टीव जॉब्स के आखिरी शब्द ?

“0 wow, o wow, o wow”

स्टीव जॉब्स का जन्म कहाँ हुआ था?

सान फ्रांसिस्को, कैलीफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका

स्टीव जॉब्स की मौत किस उम्र मे हुई ?

स्टीव जॉब्स की Death October 5, 2011 को हुई थी और उस समय उनकी age 56 की साल की थी ।

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